हमारे बारे में
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
पूर्ण नेतृत्व देखेंश्री जितेन्द्र श्रीवास्तव बिहार काडर (2000 बैच) के एक प्रतिष्ठित आईएएस अधिकारी हैं, जिनके पास प्रशासन और शासन में 25 वर्षों से अधिक का अनुकरणीय अनुभव है।
वे दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए (ऑनर्स) और कोचीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से एमबीए (वित्त) की उपाधि प्राप्त हैं।
उन्होंने भारत सरकार और बिहार सरकार के अंतर्गत वित्त, विद्युत, शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और अवसंरचना क्षेत्रों में प्रमुख नेतृत्व भूमिकाएं निभाई हैं।
श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव 22 अप्रैल, 2025 से आरईसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हैं। आप बिहार कैडर (2000 बैच) के आईएएस अधिकारी हैं और 25 वर्षों से अधिक की विशिष्ट सेवा के साथ एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी हैं। आपने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से अर्थशास्त्र में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की है तथा साथ ही कोचीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से एमबीए (वित्त) भी किया है।
श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव जनवरी 2023 से जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वे बिहार सरकार के गृह विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) में सचिव के पद पर कार्यरत थे। पिछले कुछ वर्षों में, उन्होंने भारत सरकार और बिहार सरकार में कई प्रमुख प्रशासनिक और नेतृत्वकारी भूमिकाएँ निभाई हैं।
उनकी नियुक्तियों में वित्त, विद्युत क्षेत्र, शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
आप आरईसी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल) के बोर्ड के पदेन अध्यक्ष भी हैं।
श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव के पास कंपनी में शून्य इक्विटी शेयर हैं। इसके अतिरिक्त, आपका कंपनी के किसी अन्य निदेशक अथवा मुख्य प्रबंधकीय कार्मिकों से कोई अंतर-संबंध नहीं है।
आरईसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त और आरईसीपीडीसीएल के पदेन अध्यक्ष।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया और प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रमों की देखरेख की।
बिहार सरकार में गृह विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) में सचिव के रूप में सेवा की।
2000 बैच के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा (बिहार काडर) में शामिल हुए और कई मंत्रालयों और विभागों में सेवा की।